रामनगर/चित्रकूट (ग्रामीण तहकीकात)। जिला प्रशासन के कुशल मार्गदर्शन में पानी संस्थान और ओरेकल के सहयोग से रामनगर ब्लॉक की 38 ग्राम पंचायतों में ‘प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा’ परियोजना के माध्यम से ग्रामीण शिक्षा की तस्वीर बदली जा रही है। मुख्य विकास अधिकारी और जिला कार्यक्रम अधिकारी के महत्वपूर्ण सुझावों को अपनाते हुए, इस पहल के तहत 47 आंगनवाड़ी केंद्रों की मरम्मत कर उन्हें नया रूप दिया गया है, जिसमें दीवारों, छतों और दरवाजों को ठीक कर बच्चों के बैठने के लिए सुंदर फर्नीचर की व्यवस्था की गई है। इस परियोजना के अंतर्गत 1,934 बच्चों को 56 प्रकार की खेल-सीख सामग्री और ज्ञानवर्धक कहानियों की किताबों के जरिए रोचक तरीके से पढ़ाया जा रहा है। बच्चों के शारीरिक विकास की समय पर जांच के लिए आधुनिक उपकरण भी केंद्रों को दिए गए हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य की निगरानी आसान हो गई है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करने के साथ-साथ अभिभावकों को भी बच्चों की शिक्षा के प्रति जागरूक किया जा रहा है। पानी संस्थान की टीम अब ‘स्कूल रेडीनेस टूल’ के माध्यम से बच्चों की जांच कर रही है ताकि उन्हें आगे की स्कूली शिक्षा के लिए पूरी तरह तैयार किया जा सके।