नारसन (हरिद्वार): विकासखंड नारसन के ग्राम बुक्कनपुर में मनरेगा घोटाले की परतें उधेड़ने वाले पत्रकार को अब धमकियों का सामना करना पड़ रहा है। ‘दैनिक ग्रामीण तहकीकात’ में छपी रिपोर्ट के बाद ग्राम प्रधान और पत्रकार के बीच हुई बातचीत का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने के लिए दबाव बनाया जा रहा है।
“जेल भिजवा दूंगा”— सच दबाने की कोशिश
ग्राम प्रधान (बुक्कनपुर) फोन पर पत्रकार पर सीधे तौर पर हमलावर नजर आ रहे हैं। प्रधान ने पत्रकार पर रिपोर्टिंग के नाम पर गलत तथ्य पेश करने का आरोप लगाया। बातचीत के दौरान प्रधान ने पत्रकार को पुलिस में मुकदमा दर्ज कराने और जेल भिजवाने की खुली धमकी दी है। प्रधान का दावा है कि पत्रकार की टीम ने बिना काम देखे गलत खबर प्रकाशित की है।
पत्रकार का पलटवार: ‘साक्ष्य झूठ नहीं बोलते’
धमकी के बावजूद पत्रकार अपने रुख पर अडिग हैं। उनका कहना है कि उनके पास रात 07:28 बजे पोर्टल पर अपडेट की गई फर्जी हाजिरी के पुख्ता डिजिटल साक्ष्य मौजूद हैं।
पत्रकार ने साफ किया कि मौके पर जब टीम पहुंची तो वहां सन्नाटा पसरा था और कोई भी मजदूर कार्यरत नहीं मिला।
करीब 10 लाख रुपये के इस फर्जीवाड़े में 257 मजदूरों की कागजी हाजिरी का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है।
चर्चा में ‘कागजी विकास’ का खेल
नारसन ब्लॉक में रात के समय हाजिरी लगने के इस खुलासे ने विभाग की निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां एक ओर पत्रकार को सच बोलने की सजा के तौर पर धमकियां मिल रही हैं, वहीं दूसरी ओर खंड विकास अधिकारी (BDO) और संबंधित विभाग इस मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं।
अब यह मामला एक अखबार के संपादक का ही नहीं बल्कि यह पूरे पत्रकार समाज का है जहां भ्रष्टाचार को उजागर करने के लिए खबर प्रकाशन किया गया तो प्रधान के नंबर से आई कॉल ने फोन पर पत्रकार को धमकी दे डाली
अब ये मामला संपादक एवं प्रदेश महासचिव उत्तराखंड भारतीय पत्रकार यूनियन (रजि०) का है जिसमें पूरे यूनियन में भारी रोष है
जल्दी ही बैठक कर जिलाधिकारी को इस संबंध में ज्ञापन दिया जाएगा और उत्तराखंड सरकार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा लगातार भ्रष्टाचार को लेकर कार्य किया जा रहा है ओर जीरो टॉलरेंस सरकार की नीति को आगे बढ़ाया जा रहा है जिसमें ग्रामीण तहकीकात भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्यरत है