5 मुस्लिम और 6 हिंदू धर्मगुरुओं के साथ ही न्यायाधीश और प्रशासनिक अधिकारी बनेंगे ऐतिहासिक ‘गोल्डन जुबली’ के साक्षी
मंगलौर (दैनिक ग्रामीण तहकीकात): जनपद के ऐतिहासिक कस्बे मंगलौर में आज 6 फरवरी को जश्न-ए-इमाम हुसैन कार्यक्रम के गौरवशाली 50 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में एक भव्य गोल्डन जुबली सेमिनार और मुशायरे का आयोजन किया जा रहा है, जिसकी तैयारियों को लेकर पूर्व राज्य मंत्री सैयद अली हैदर जैदी के आवास पर एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इस सेमिनार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मौलाना गजनफर जब्बार ने बेहद प्रभावशाली ढंग से कहा कि इमाम हुसैन ने आज से 1400 साल पहले ही हिंदुस्तान की मिट्टी और यहाँ की इंसानियत को अपना मान लिया था; उन्होंने स्पष्ट किया कि इमाम का बलिदान केवल किसी मजहब विशेष के लिए नहीं बल्कि पूरी मानवता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए था, और आज यह आयोजन उनके उसी वैश्विक संदेश को जन-जन तक पहुँचाने का जरिया बन रहा है। कार्यक्रम की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें 5 प्रमुख मुस्लिम धर्मगुरुओं के साथ-साथ 6 प्रतिष्ठित हिंदू धर्मगुरु भी विशेष रूप से आमंत्रित किए गए हैं, जो एक मंच से गंगा-जमुनी तहजीब की वह चमक बिखेरेंगे जिसकी मिसाल पूरे देश में दी जाएगी। पद्मश्री प्रोफेसर नासिर नकवी और पद्मश्री अख्तर वासे ने प्रेस वार्ता के दौरान जोर देकर कहा कि यह आयोजन केवल एक जलसा नहीं बल्कि एक बौद्धिक और सांस्कृतिक क्रांति है, जहाँ देश के दिग्गज शायर अपनी कविताओं से इंसानियत के जज्बे को नई ऊँचाइयां देंगे। इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य आयोजक सैयद अली हैदर जैदी सहित प्रो. नासिर नकवी और प्रो. तनवीर चिश्ती ने बताया कि इस स्वर्ण जयंती समारोह में कई माननीय न्यायाधीश, आरएसएस के वरिष्ठ पदाधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी भी शिरकत करेंगे, जो इसे एक ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान करेंगे। यह आयोजन यह संदेश देने के लिए प्रतिबद्ध है कि मजहब भले ही अलग हों, लेकिन इंसानियत का रास्ता एक ही है, और इमाम हुसैन की शहादत का गम और उनके जीवन की खुशियाँ आज भी हर सच्चे हिंदुस्तानी के दिल में बसती हैं, जिसे आज मंगलौर की सरजमीं पर पूरी शिद्दत के साथ महसूस किया जाएगा। प्रेस वार्ता में पद्मश्री अख्तर वासे, प्रोफेसर नासिर नकवी, प्रोफेसर तनवीर चिश्ती, कार्यक्रम आयोजक सैयद अली हैदर जैदी, कौसर जैदी, मौलाना गजनफर जब्बार, सैयद काजमी, रईस जैदी, सैयद यावर अली जैदी मौजूद रहे।
संपादक – नवीन कुमार