झबरेड़ा (ग्रामीण तहकीकात): इकबालपुर क्षेत्र के ग्राम मोलना और मानकपुर में आवारा पशुओं की बढ़ती संख्या और उनके आक्रामक व्यवहार के चलते स्थानीय ग्रामीणों में भारी दहशत और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि आवारा सांडों के झुंड ने राहगीरों और किसानों पर हमला कर उनका जीना दुश्वार कर दिया है। पिछले कुछ दिनों में हुई घटनाओं ने क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
हमले में घायल बुजुर्ग अस्पताल में भर्ती
क्षेत्रीय नागरिकों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम मोलना निवासी राजकुमार (60 वर्ष) पुत्र ओमप्रकाश पर बीती अर्धरात्रि को एक सांड ने कथित तौर पर हमला कर दिया। शोर सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने किसी तरह उन्हें बचाया। बताया जा रहा है कि घायल बुजुर्ग का रुड़की के एक निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है।
गंभीर स्थिति में एक घायल चंडीगढ़ रेफर
सांड के हमले की एक अन्य घटना मानकपुर से सामने आई है, जहाँ प्रताप नामक व्यक्ति गंभीर रूप से चोटिल हो गए। परिजनों के अनुसार, रुड़की में प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए उन्हें उच्च संस्थान (चंडीगढ़) के लिए रेफर कर दिया है।
दीवार कूदकर बचानी पड़ी जान
ग्रामीणों ने बताया कि बीती रात मोलना निवासी समेरचंद के घर के बरामदे में भी एक सांड घुस आया, जिससे बचने के लिए उन्हें दीवार कूदनी पड़ी। इसके अलावा पालतू मवेशियों को भी चोट पहुँचाने की बात कही जा रही है।
प्रशासन से समाधान की मांग
क्षेत्र में पनप रहे इस डर के बीच ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से गुहार लगाई है कि इन आवारा पशुओं को सुरक्षित स्थान या गौशाला में भिजवाने की व्यवस्था की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि वे इस समस्या को लेकर जल्द ही संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन भी सौंप सकते हैं ताकि भविष्य में किसी अप्रिय घटना को रोका
जा सके।