

हरिद्वार (ग्रामीण तहकीकात)। परिवहन विभाग द्वारा सड़क सुरक्षा और जन-जागरूकता के लिए पतंजलि विश्वविद्यालय औरंगाबाद में एक वृहद प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें सहायक संभागीय अधिकारी नेहा झा ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए सड़क सुरक्षा के प्रति बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। अधिकारी नेहा झा ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि सड़क दुर्घटनाओं के समय ‘स्वर्ण काल’ (गोल्डन आवर) का विशेष महत्व होता है और यदि उस दौरान घायल को सही प्राथमिक उपचार मिल जाए, तो उसकी जान बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय कैडेट कोर और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के सहयोग से युवाओं को ‘प्रथम सहायक’ के रूप में तैयार करना है। प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने दुर्घटना के बाद सुरक्षित व्यवहार, कृत्रिम श्वसन प्रक्रिया, घायल को स्ट्रेचर तक ले जाने और खून बहने से रोकने के व्यावहारिक तौर-तरीकों का प्रदर्शन किया। विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने इस दौरान संकल्प लिया कि वे समाज में यातायात नियमों के प्रति अलख जगाएंगे। कार्यक्रम के अंत में नेहा झा ने सभी को हेलमेट पहनने, तेज रफ्तार से बचने और नशा मुक्त वाहन चलाने की शपथ दिलाई, ताकि भविष्य में सड़क हादसों और उनसे होने वाली मृत्यु दर में प्रभावी कमी लाई जा सके।