रुड़की (ग्रामीण तहकीकात): धर्मनगरी और आसपास के क्षेत्रों में आस्था की आड़ लेकर जनता को ठगने वाले ‘नकली बाबाओं’ के खिलाफ हरिद्वार पुलिस ने मोर्चा खोल दिया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर चलाए जा रहे “ऑपरेशन कालनेमि” के तहत रुड़की पुलिस ने साधु का भेष धारण कर लोगों को गुमराह करने वाले छह शातिर बहरूपियों को गिरफ्तार किया है।
साधु बनकर फैला रहे थे दहशत, कर रहे थे अवैध वसूली
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के आदेश पर प्रभारी निरीक्षक रुड़की के नेतृत्व में चलाए गए चेकिंग अभियान के दौरान इन आरोपियों को दबोचा गया। जानकारी के अनुसार, ये आरोपी साधु का भेष बनाकर भीख मांगने के बहाने आम लोगों और तीर्थयात्रियों को डराते-धमकाते थे और उनसे अवैध रूप से धन वसूली कर रहे थे। इनकी हरकतों से स्थानीय जनता और यात्रियों में काफी समय से आक्रोश था।
जांच में खुला राज: नहीं है धर्म से कोई नाता
पुलिस की कड़ी पूछताछ में यह बात साफ हुई कि पकड़े गए आरोपी असल में साधु-संत नहीं हैं। उन्होंने केवल ठगी करने और पैसे कमाने के लिए जटा-जूट और भगवा वस्त्र धारण किए हुए थे।
पकड़े गए आरोपियों का विवरण:
हिरासत में लिए गए आरोपी मूल रूप से हरिद्वार, सहारनपुर, हापुड़, मुजफ्फरनगर और मध्य प्रदेश के इंदौर के रहने वाले हैं। पुलिस ने इन सभी के विरुद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 172(2) के तहत कार्रवाई की है।
क्या है ‘ऑपरेशन कालनेमि’?
हरिद्वार पुलिस के अनुसार, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य उन नकली तत्वों को बेनकाब करना है जो असली साधु-संतों की छवि धूमिल कर रहे हैं। पुलिस ने जनता से अपील की है कि:
- किसी भी संदिग्ध या डराने वाले ‘बाबा’ से सावधान रहें।
- आस्था के नाम पर ठगी की आशंका होने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें।
- किसी भी अनजान व्यक्ति को अपनी निजी जानकारी या धन न सौंपें।
पुलिस की चेतावनी
पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि धर्म की आड़ में ढोंग और ठगी करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। जिले के अन्य क्षेत्रों में भी यह सघन अभियान लगातार जारी रहेगा ताकि असामाजिक तत्वों पर नकेल कसी जा सके।