हरिद्वार (ग्रामीण तहकीकात): जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में सोमवार को जिला कार्यालय सभागार में जनसुनवाई का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी ने एक-एक कर फरियादियों की समस्याओं को सुना और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनमानस की समस्याओं के समाधान में लापरवाही बरतने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मौके पर हुआ शिकायतों का निपटारा
जनसुनवाई के दौरान विभिन्न क्षेत्रों से कुल 102 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 48 समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। शेष शिकायतों के लिए डीएम ने संबंधित विभागों को समय सीमा निर्धारित करते हुए जल्द रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए।
भ्रष्टाचार और अवैध कब्जे की शिकायतों पर डीएम सख्त
जनसुनवाई में कई गंभीर मामले सामने आए जिन पर जिलाधिकारी ने तुरंत कड़ा रुख अपनाया:
फर्जी भुगतान की जांच: शिकायतकर्ता विपिन कुमार ने पीली वाला तालाब के सौंदर्यीकरण में जॉब कार्ड धारकों के नाम पर फर्जी भुगतान का आरोप लगाया, जिस पर डीएम ने तत्काल जांच के आदेश दिए।
अवैध कब्जे: ग्राम बिशनपुर और मिर्जापुर शादात में चकरोड व सार्वजनिक रास्तों पर अवैध कब्जे की शिकायतों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
बुजुर्ग महिला की व्यथा: देवनगर महदूद की बुजुर्ग महिला शिमलेश ने जब रोते हुए अपने बेटे द्वारा घर से निकालने की बात कही, तो डीएम ने अधिकारियों को बेटे के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने को कहा।
CM हेल्पलाइन में लापरवाही पर अधिकारियों को फटकार
बैठक के दूसरे चरण में जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (1905) की समीक्षा की। एल-1 और एल-2 स्तर पर बड़ी संख्या में शिकायतें लंबित होने पर उन्होंने नाराजगी जताई।
चेतावनी: डीएम ने कहा कि एक माह से अधिक समय से लंबित शिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता पर हो।
संतुष्टि अनिवार्य: अधिकारी स्वयं शिकायतकर्ता से फोन पर बात करें और सुनिश्चित करें कि वे समाधान से संतुष्ट हैं या नहीं।
बैठक में उपस्थित अधिकारी
इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी (CDO) ललित नारायण मिश्रा, एडीएम दीपेंद्र सिंह नेगी, पीआर चौहान, जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश सहित सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
