हरिद्वार (ग्रामीण तहकीकात): हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सोमवार को विकास कार्यों और कानून व्यवस्था को लेकर कड़ा रुख अख्तियार किया। जिला कार्यालय सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि विकास योजनाओं में किसी भी तरह की लापरवाही या बजट की बर्बादी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अतिक्रमण पर ‘पीला पंजा’ चलाने के निर्देश
जिलाधिकारी ने सरकारी संपत्तियों पर अवैध कब्जे को लेकर सख्त निर्देश जारी किए। उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों (SDM) और नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों को आदेश दिया कि सरकारी जमीन से अतिक्रमण तत्काल हटाया जाए।
- वन भूमि: वन विभाग और राजाजी नेशनल पार्क के अधिकारियों को वन भूमि पर हुए अवैध कब्जों को नियमानुसार जल्द खाली कराने को कहा गया है।
कोहरे के कहर को लेकर परिवहन विभाग अलर्ट
सर्दियों और बढ़ते कोहरे को देखते हुए डीएम ने सड़क सुरक्षा पर विशेष जोर दिया। उन्होंने परिवहन विभाग को निर्देश दिए कि:
- वाहनों पर अनिवार्य रूप से रिफ्लेक्टर स्टीकर लगवाए जाएं।
- ओवरलोडिंग और तेज रफ्तार वाहनों के खिलाफ विशेष चेकिंग अभियान चले।
- धुंध के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को हर हाल में रोका जाए।
विकास कार्यों की गुणवत्ता और सफाई पर जोर
बैठक में जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री की घोषणाओं और लंबित योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि:
- जिला योजना और राज्य सेक्टर के कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा।
- सभी कार्यालयों में व्यापक सफाई अभियान चलाया जाए। यदि कार्यालय परिसर में गंदगी मिली, तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय होगी।
बैठक में मौजूद रहे ये अधिकारी
इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य विकास अधिकारी (CDO) ललित नारायण मिश्रा, एडीएम दीपेंद्र सिंह नेगी, पीआर चौहान, जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश सहित सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।