
हरिद्वार (ग्रामीण तहकीकात): राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष भगवत प्रसाद मकवाना ने सोमवार को हरिद्वार के सीसीआर सभागार में अधिकारियों के साथ मैराथन समीक्षा बैठक की। उन्होंने सफाई कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि कर्मचारियों का किसी भी स्तर पर उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
वेतन और नियुक्तियों पर ‘डेडलाइन’ तय
उपाध्यक्ष ने नगर निगम और संबंधित विभागों को दो टूक निर्देश दिए:
- वेतन भुगतान: आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्यरत सफाई कर्मचारियों का जितना भी बकाया वेतन है, उसका भुगतान इसी माह (दिसंबर) के अंत तक हर हाल में किया जाए।
- मृतक आश्रित नियुक्ति: मृतक आश्रितों के लंबित मामलों पर 15 दिन के भीतर नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने के कड़े आदेश दिए।
अधिकारियों की लापरवाही पर जताई नाराजगी
समीक्षा के दौरान जब कुछ विभागों ने अधूरी जानकारी दी, तो उपाध्यक्ष का पारा चढ़ गया।
- जल संस्थान को समन: सीवरेज कार्य में लगे श्रमिकों के सुरक्षा उपकरण और बीमा का विवरण न देने पर जल संस्थान के अधिकारियों को 29 दिसंबर को रिकॉर्ड के साथ आयोग में व्यक्तिगत रूप से पेश होने के निर्देश दिए।
- रेलवे को अल्टीमेटम: रेलवे विभाग को तीन दिन के भीतर सफाई कर्मचारियों के मानदेय की विस्तृत रिपोर्ट भेजने को कहा गया है।
स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए लगेंगे विशेष शिविर
सफाई कर्मचारियों के कल्याण पर जोर देते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि:
- जिन कर्मचारियों के अभी तक आयुष्मान या गोल्डन कार्ड नहीं बने हैं, उनके लिए विशेष कैंप लगाए जाएं।
- सभी कर्मचारियों का नियमित अंतराल पर स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित किया जाए।
- टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता बरती जाए और मानदेय सीधे खातों में समय पर पहुंचे।

आचार्य बालकृष्ण से शिष्टाचार भेंट
बैठक के बाद उपाध्यक्ष भगवत प्रसाद मकवाना ने पतंजलि योगपीठ पहुंचकर आचार्य बालकृष्ण से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने वहां भी सफाई कर्मचारी पदाधिकारियों के साथ संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना।
बैठक में अपर जिलाधिकारी दीपेंद्र सिंह नेगी ने आयोग को आश्वस्त किया कि सभी निर्देशों का पालन कड़ाई से कराया जाएगा। इस अवसर पर विभिन्न सफाई कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि और नगर निकायों के अधिशासी अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।