• बिना रजिस्ट्रेशन दौड़ रहे मेडिकल स्टोर, नियमों की उड़ रही धज्जियां
न बोर्ड, न फ्रिज और न कैमरे, धूल फांकती दवाओं के बीच झोलाछाप थमा रहे मौत का सामान, घरों में घुसकर धड़ल्ले से लगाई जा रही ग्लूकोज
झबरेड़ा (ग्रामीण तहकीकात)।
स्वास्थ्य विभाग की नाक के नीचे झबरेड़ा क्षेत्र के गांव मानकपुर आदमपुर में अवैध मेडिकल स्टोरों का काला कारोबार फल-फूल रहा है। यहाँ संचालित हो रहे मेडिकल स्टोर न केवल मानकों के विरुद्ध हैं, बल्कि सीधे तौर पर ग्रामीण जनता के जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं। हैरत की बात यह है कि इन दुकानों पर न तो कोई बोर्ड लगा है ना लाइसेंस पारदर्शित है और न ही प्रशासन का कोई डर दिखाई दे रहा है।
क्षेत्र में चल रहे इन मेडिकल स्टोरों की सच्चाई बेहद चौंकाने वाली है। सूत्रों के अनुसार, कई स्टोर ऐसे हैं जिनका रजिस्ट्रेशन किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर है, जबकि दुकान का संचालन कोई और कर रहा है। बिना फार्मासिस्ट के ही दवाओं का वितरण किया जा रहा है, जो ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट का खुला उल्लंघन है।
इन तथाकथित मेडिकल स्टोरों के अंदर झांकने पर दवाओं के बजाय धूल और गंदगी की परतें दिखाई देती हैं। नियमों के अनुसार जीवन रक्षक दवाओं के लिए फ्रिज अनिवार्य है, लेकिन यहाँ फ्रिज नदारद हैं। सुरक्षा के नाम पर न तो सीसीटीवी कैमरे लगे हैं और न ही सफाई की कोई व्यवस्था है। धूल मिट्टी से सनी ये दवाएं मरीजों को फायदा पहुँचाने के बजाय और बीमार कर सकती हैं।
हैरानी की बात यह है कि मेडिकल स्टोर संचालक बिना किसी डॉक्टर की पर्ची के धड़ल्ले से हैवी एंटीबायोटिक और प्रतिबंधित दवाएं दे रहे हैं। कोई बिल बुक भी नहीं बनाई है क्या पता नकली दवाई दे रहे हो। इतना ही नहीं, हद तो तब हो गई जब मेडिकल संचालक खुद ही घरों में जाकर मरीजों को ग्लूकोज चढ़ा रहे हैं और छोटी-मोटी सर्जरी (कैंची चलाना) तक कर रहे हैं। बिना डिग्री और अनुभव के किया जा रहा यह कार्य किसी भी समय बड़ी अनहोनी को दावत दे सकता है।
वहीं ग्रामीणों ने इस संबंध में समाचार पत्र के माध्यम से उच्च अधिकारियों और ड्रग इंस्पेक्टर से जांच की मांग की है। लोगों का कहना है कि अगर जल्द ही इन ‘मौत की दुकानों’ पर छापेमारी कर इन्हें बंद नहीं किया गया, तो गांव में कोई बड़ी स्वास्थ्य आपदा आ सकती है।
वहीं ग्रामीणों ने मांग की है कि ड्रग इंस्पेक्टर और स्वास्थ्य विभाग की टीम तुरंत मानकपुर आदमपुर में छापेमारी करे और इन अवैध स्टोरों को सील कर संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करे।