
विशेष रिपोर्ट – नवीन कुमार (संपादक)
लंढौरा (ग्रामीण तहकीकात)। कृषि विभाग द्वारा संचालित परम्परागत कृषि योजना के तहत लंढौरा क्षेत्र के शिकारपुर और हज्जरपुर गाँवों में जैविक खेती मिशन का शानदार आगाज हुआ, जिसमें ग्राम प्रधान पति नौशाद अली ने किसानों को जागरूक करने में अहम भूमिका निभाई। रविवार को शिकारपुर में आयोजित शिविर के दौरान नौशाद अली की उपस्थिति में कृषि विभाग के अधिकारी अशोक कुमार शर्मा ने तीन क्लस्टर के 60 चयनित किसानों को खेती में काम आने वाली स्प्रे मशीन, खाद बनाने का ड्रम, बाल्टी और छलनी जैसी आवश्यक किट वितरित की। शिविर को संबोधित करते हुए नौशाद अली ने किसानों से रसायनों का त्याग कर जैविक विधि अपनाने का आह्वान किया और बताया कि गन्ने में फैल रहे लाल सड़न जैसे विनाशकारी रोगों को केवल जैविक खेती से ही जड़ से खत्म किया जा सकता है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने जानकारी दी कि नारसन और रुड़की ब्लॉक में कुल 50 क्लस्टर बनाए गए हैं, जहाँ तीन वर्षों तक चलने वाले इस कार्यक्रम के माध्यम से किसानों को न केवल जैविक दवाइयां दी जाएंगी, बल्कि डीबीटी के माध्यम से 5,000 रुपये का लाभ भी सीधा उनके खातों में भेजा जाएगा। इस अवसर पर समाज सेवी फिरोज गौर, हाजी इरशाद, मान सिंह, गुफरान, फुरकान, आमिर गौर, सलीम, अरुण, सुखपाल, मुकेश, आजम, सुखवीर, मुरसलीन, इकराम, दिनेश, नितिन कटारिया और सुशील सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।