
इकबालपुर मिल में प्रशासनिक जांच में स्टॉक और दावों में मिला बड़ा अंतर, 12 के बजाय 18 हजार क्विंटल निकला शीरा

तहसीलदार दयाराम और गन्ना अधिकारी की मौजूदगी में हुआ भौतिक सत्यापन; अतिरिक्त शीरा बेचकर होगा कर्मचारियों का वेतन भुगतान
इकबालपुर/भगवानपुर (ग्रामीण तहकीकात)। इकबालपुर शुगर मिल में कर्मचारियों के वेतन और गन्ना भुगतान को लेकर चल रहा गतिरोध आज एक महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुँच गया। जिला गन्ना अधिकारी और भगवानपुर तहसीलदार दयाराम की उपस्थिति में मिल के शीरा स्टॉक का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) किया गया, जिसमें प्रबंधन द्वारा बताए गए आंकड़ों और मौके पर मौजूद स्टॉक में भारी विसंगति पाई गई है।
दावों और हकीकत में अंतर
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, मिल प्रबंधन द्वारा आधिकारिक तौर पर केवल 12,000 क्विंटल शीरा उपलब्ध होने की जानकारी दी गई थी। हालांकि, जब प्रशासनिक टीम ने मौके पर मौजूद टैंकों की गहनता से जांच और पैमाइश की, तो वहां लगभग 18,000 क्विंटल शीरा पाया गया। प्रबंधन के दावों से करीब 6,000 क्विंटल अधिक शीरा मिलने पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है।
प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बयान
जांच के बाद भगवानपुर तहसीलदार दयाराम ने स्पष्ट किया कि आंकड़ों में इस तरह का अंतर स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा, “सत्यापन के दौरान जो अतिरिक्त शीरा पाया गया है, उसे तत्काल प्रभाव से बेचकर मिल कर्मचारियों की लंबित तनख्वाह का भुगतान सुनिश्चित कराया जाएगा। प्रशासन का लक्ष्य मजदूरों और किसानों के हितों की रक्षा करना है।”
मौके पर पहुंचे झबरेड़ा विधायक वीरेंद्र जाति ने इस स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा, “प्रबंधन द्वारा स्टॉक की सही जानकारी न देना गंभीर विषय है। यह सीधे तौर पर किसानों और मजदूरों के हक से जुड़ा मामला है। हम मांग करते हैं कि इस पूरे प्रकरण की जांच हो और जल्द से जल्द भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जाए।”

धरना स्थल पर आक्रोश
वहीं, मिल परिसर में लंबे समय से धरने पर बैठे किसानों और मजदूरों ने इस खुलासे पर रोष व्यक्त किया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रबंधन जानबूझकर भुगतान में देरी कर रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि जब तक उनके बैंक खातों में वेतन की पूरी राशि नहीं आ जाती, तब तक वे अपना आंदोलन जारी रखेंगे।
प्रशासनिक टीम अब इस अतिरिक्त स्टॉक की बिक्री और उससे प्राप्त होने वाली राशि के वितरण की रूपरेखा तैयार कर रही है, जिससे कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।