• कोटाबाग की हरियाली में गूंज उठा उत्तराखंड का मधुर लोकगीत—पहाड़ की सुंदरता और संगीत का अनोखा संगम
संपादक नवीन कुमार 9410371344
देहरादून (दैनिक ग्रामीण तहकीकात)। कोटाबाग की मनमोहक वादियाँ आज कुछ और ही खिल उठीं, जब यहाँ नए उत्तराखंडी गीत की शूटिंग की गई। बादलों से ढके पहाड़, चीड़–देवदार की खुश्बू और शांत वातावरण ने गीत को एक अलग ही आत्मिक एहसास दिया। स्थानीय संस्कृति, परंपरा और प्राकृतिक सौंदर्य—सबने मिलकर शूट को बेहद खास बना दिया। मां वैष्णो प्रोडक्शन के बैनर तले बन रही कुमाऊंनी गीत की सूटिंग में मुख्य कलाकार पन्नू गुसाई एवं सुप्रसिद्ध अभिनेत्री साक्षी काला नृत्य निर्देशन में विशांत टम्टा निर्देशन कर रहे है दीपक कैमरा मेन है, राजू गेरा मेकअप कर रही है गीतांजलि बिष्ट निर्माता। वहीं विनोद जोशी ने बताया कि इससे पहले मां वैष्णो प्रोडक्शन से नीरू बाना गिफ्ट कानों मां व पहाड़ी बाना मिलियन में गीत को प्यार मिल चुका है। गीत 28 नवंबर को रिलीज कर दिया जाएगा।

वहीं श्री जोशी ने बताया उत्तराखंडी संगीत को वैश्विक मंच पर पहुंचाने के उद्देश्य से कोटाबाग की चित्रमय वादियों में एक नए लोकगीत की शूटिंग की जा रही है। प्राकृतिक सुंदरता के बीच फिल्माए जा रहे इस गीत में स्थानीय लोकसंस्कृति और पहाड़ी जीवनशैली की झलक दिखाई देगी। कलाकारों के अनुसार, कोटाबाग की प्राकृतिक रोशनी और शांत वातावरण गीत की भावनाओं को और प्रबल बनाता है।

उत्तराखंड के कुमाऊँ क्षेत्र में बसे शांत और सुंदर कोटाबाग की वादियाँ आज एक नए रंग में ढल गईं। हरे-भरे खेत, पहाड़ों से उतरती धूप और दूर तक फैली धुंध—इन सबके बीच उत्तराखंडी गीत की शूटिंग ने मानो प्रकृति को भी सुरों में बांध दिया। लोकनृत्य, पारंपरिक वेशभूषा और पहाड़ी संस्कृति की झलक ने इस वीडियो को और भी जीवंत बना दिया। कोटाबाग की यह प्राकृतिक पृष्ठभूमि गीत को एक अनोखी पहचान देने जा रही है।