हरिद्वार (ग्रामीण तहकीकात)। केंद्र सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के संयुक्त सचिव डी० सेंथिल पाण्डियन ने स्पष्ट किया है कि जल संरक्षण और संवर्धन के प्रयासों में जब तक जन-भागीदारी सुनिश्चित नहीं होगी, तब तक वास्तविक परिणाम नहीं मिल सकते। बुधवार को विकास भवन सभागार में ‘आकांक्षी जनपद कार्यक्रम’ की समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ योजनाओं को धरातल पर उतारने के कड़े निर्देश दिए।
जल संरक्षण के लिए जन-जागरूकता पर जोर
संयुक्त सचिव ने कहा कि जल संरक्षण के कार्यों को प्रभावी बनाने के लिए व्यापक स्तर पर जन-जागरूकता अभियान चलाया जाना चाहिए। बैठक में सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता ओमजी गुप्ता ने स्लाइड शो के माध्यम से जनपद में चल रहे जल संरक्षण कार्यों का ब्यौरा पेश किया। पाण्डियन ने निर्देश दिए कि अधिकारी केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहें और सुनिश्चित करें कि जमीनी स्तर पर बदलाव नजर आए।
स्वास्थ्य सेवाओं पर सख्त रुख: निजी अस्पतालों की होगी जांच
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान संयुक्त सचिव ने निजी अस्पतालों में प्रसव (डिलीवरी) के दौरान होने वाली मृत्यु दर पर चिंता जताई। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) को कड़े निर्देश दिए कि:
निजी अस्पतालों में प्रसव के दौरान होने वाली मृत्यु के मामलों की जांच के लिए एक विशेषज्ञ कमेटी गठित की जाए।
सभी सीएचसी (CHC), पीएचसी (PHC) और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए ‘माइक्रो लेवल’ पर कार्ययोजना तैयार हो।
शिक्षा विभाग: सीएसआर (CSR) फंड के माध्यम से स्कूलों में हो रहे सुधार की सराहना करते हुए उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता पर अधिक ध्यान देने और छात्रों के लिए ऑनलाइन कोर्स उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
बाल विकास विभाग: कुपोषित बच्चों को चिन्हित कर उन्हें जल्द से जल्द सामान्य श्रेणी में लाने के लिए विशेष कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए।
“प्रशासन का लक्ष्य अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचाना होना चाहिए। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के नेतृत्व में जनपद में सराहनीय कार्य हो रहे हैं, इन्हें और गति देने की आवश्यकता है।” — डी० सेंथिल पाण्डियन, संयुक्त सचिव
बैठक के पश्चात संयुक्त सचिव ने बहादराबाद ब्लॉक के औरंगाबाद गाँव का दौरा किया। यहाँ उन्होंने:
सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त कराकर किए गए वृक्षारोपण का जायजा लिया।
मनरेगा के तहत चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण किया।
जल जीवन मिशन के अंतर्गत नवनिर्मित पंप हाउस की कार्यप्रणाली देखी।
वहीं समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध, सीडीओ ललित नारायण मिश्र, जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश और मुख्य शिक्षा अधिकारी आशुतोष भंडारी सहित अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने आश्वस्त किया कि समीक्षा में मिले सभी निर्देशों का समयबद्ध पालन किया जाएगा।